शायद तुमने मुझे गलत समझा
या तुम्हारे लिए मैं सही नहीं था
मगर जो तुमने बेवजह निकाला
मेरा मतलब वो नहीं था।
माना कि हमारे मिजाज भले ही एक हो
माना कि तुम दिल से नेक हो
मगर बहकावे मे जो तुमने समझा
मेरा मिजाज वो नहीं था
जो तुमने बेवजह निकाला
मेरा मतलब वो नहीं था।
यूं तो मुझसे आकर बात किया करती थी
अलग अलग से वो एक ख्यालात किया करती थी
मगर ख्यालों मे जो तुमने समझा
मेरा ख्याल वो नहीं था
जो तुमने बेवजह निकाला
मेरा मतलब वो नहीं था।
माना कि तुझमे वो सारी खूबियां है
जिन्हे मै एक लड़की मे खोजता हूं
माना कि कभी-कभार तुम जो सोचती हो
मै भी वही सोचता हूं
मगर इसी कशमकश मे जो तुमने सोचा
मेरा सोचना वो नहीं था
जो तुमने बेवजह निकाला
मेरा मतलब वो नहीं था।
बस अब इतना कहूंगा कि बहुत अच्छी हो तुम
मगर शायद तुम्हारा वो नज़रिया सही नहीं था
जिस ज़रिये से तुमने मुझे देखा
तुम्हारा वो ज़रिया सही नहीं था
चाहता हूं तुम्हें ये सब बताना और समझाना
कि मेरा मतलब वो नहीं था
मेरा मतलब वो नहीं था।।
-pankaj luhani💜
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